Shri Krishna Janmashtami 2022: कब है श्री कृष्ण जन्माष्टमी, जानिए जन्माष्टमी के विशेष और दुर्लभ संयोग

By | August 10, 2022
Shree Krishna Janmashtami

श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी का महाउत्सव (Festival Of Shree Krishna Janmastami) हिन्दू धर्म कैलेंडर के हिसाब से हर साल भाद्रपद की कृष्ण अष्टमी को मनाया जाता हैं और अंग्रेजी कैलेंडर के में इस बार 18 अगस्त 2022 को भगवान श्री कृष्ण का 5249वां जन्मोत्सव मनाया जाएगा।

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भगवान श्री कृष्ण के जन्म की तिथि(Date of Birth of Lord Shri Krishna)

1. भगवान विष्णु ने 8वें अवतार श्री कृष्ण के रूप में 8वें मनु वैवस्वत के मन्वंतर के समय के 28वें द्वापर युग में जो भाद्रपद के कृष्ण पक्ष की रात्रि के 7 मुहूर्त पूर्ण होने के बाद 8वां मुहूर्त जब उपस्थित हुआ तब आधी रात के समय सबसे शुभ लग्न में जन्म लिया। भगवान के जन्म के समय लग्न पर केवल शुभ ग्रहों की ही दृष्टि थी। तब अष्टमी तिथि तथा रोहिणी नक्षत्र के संयोग से जयंती नामक योग उत्पन्न हुआ उसमे लगभग 3112 ईसा पूर्व को उनका जन्म हुआ था। ज्योतिषियों और गणना के अनुसार रात 12 बजे के समय शून्य काल था।

Shree Krishna Janmashtami

11-Nov-2021 Update:- श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी के महाउत्सव से जुड़ी हर अपडेट इसी पेज पर बताई गयी हैं। और अधिक जानकारी के लिए हैं इसी पेज पर बने रहिये। 

कृष्ण जन्माष्टमी का मुहूर्त (Krishna Janmashtami Muhurat)

2. इस बार श्रीकृष्‍ण जन्माष्टमी हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि का शुभ आरम्भ 18 अगस्त 2022 को मनाई जाएगी । अष्टमी तिथि 18 अगस्त 2022 को रात 09:20 बजे से शुरू होगी और 19 अगस्त 2022 को रात 10:59 बजे समाप्त होगी

3. रोहिणी नक्षत्र का आरम्भ 20 अगस्त को रात्रि 01 बजकर 53 (01:53 AM) मिनट से होगा और इसका समापन समय 21 अगस्त को रात्रि 04 बजकर 40 (04:40) मिनट पर हो रहा है।

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का व्रत (Krishna Janmashtami Ka Vrat)

4. भगवान श्रीकृष्ण का जन्म रात में हुआ था और व्रत के लिए उदया तिथि (उदया तिथि का मतलब है, जो तिथि सूर्योदय के साथ शुरू हो) मान्य है, इसी अनुसार इस वर्ष श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का महापर्व 19 अगस्त को रहेगा और सभी दिनभर व्रत रख सकते हैं। इस तिथि के अनुसार सभी 19 अगस्त को सुबह 09 बजकर 44 मिनट के बाद पारण कर सकते हैं वह इसलिए की इस समय ही रोहिणी नक्षत्र का समापन होगा।

5. जन्माष्टमी का व्रत रखने वाले लोग विशेषतः दिनभर व्रत रखते हैं और रात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद प्रसाद ग्रहण कर लेते हैं और उसके बाद अन्न ग्रहण कर व्रत का पारण कर देते हैं। हालांकि कई स्थानों और ज्यादातर लोग अगले दिन सुबह पारण करते है।

6. यदि आप रात के समय ही पारण करता चाहते हैं तो याद रहे की श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा का शुभ मुहूर्त 30 अगस्त सोमवार को रात 11 बजकर 59 मिनट से आधी रात 12 बजकर 44 मिनट तक ही रहेगा। इसके बाद आप चाहे तो पारण कर सकते हैं।

7. निशित काल का आरम्भ 30 अगस्त रात के 11:59 से लेकर सुबह 12:44 बजे तक और अभिजित मुहूर्त सुबह के 11:56 से लेकर दोपहर के 12:47 तक और गोधूलि मुहूर्त शाम के 06:32 से लेकर शाम 06:56 तक रहेगा।

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8. आनंदियोग सुस्थिर सुबह 6:39 के बाद वर्धमान। सर्वार्थसिद्धि योग अगस्त 30 सुबह 06:39 से अगस्त 31 सुबह 06:12 (Rohini and Monday).

9. व्याघात योग 29 अगस्त सुबह 06:44 से अगस्त 30 सुबह 07:46 इसके बाद हर्षण योग अगस्त 30 सुबह 7:46 से अगस्त 31 सुबह 08:48 तक रहेगा।

10. इस दिन सिंह राशि में सूर्य और मंगल लग्न में स्थित रहेंगे। वृषभ राशि में चंद्र और राहु कर्म भाव में और चतुर्थभाव में केतु वृश्‍चिक रहेंगे। दूसरे भाव के कन्या राशि में शुक्र और बुद्ध रहेंगे। भाव में मकर राशि में शनि छठे रहेंगे और गुरु सप्तम भाव में कुंभ राशि में रहेंगे।

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