Sawan 2022 Start Date: कब से शुरु हो रहा है सावन / श्रावण मास, जानें महत्वपूर्ण तिथियां

By | July 10, 2022
Sawan

भगवान शिव शंकर के प्रिय मास सावन का महीना शुरू होने वाला है। पावन श्रावण/सावन मास में भगवान शिव और शिवपरिवार की विधान के साथ  पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता, सावन माह है की सावन माह( Sawan Ka Mahina) में भगवान शिव का अभिषेक करना अनंत जन्म के पुण्य के सामान फलदायी होता है, इसलिए सावन में लोग विशिष्ट रुद्राभिषेक कराते हैं। सावन मास भगवान शिव शंकर की आराधना के लिए सबसे उत्तम माना जाता है। आज हम आपको बताते हैं कि इस वर्ष श्रावण मास की शुरूआत कब से हो रहा है?(Sawan Kab Se Suru Ho Raha Hain) सावन सोमवार और मंगला गौरी व्रत कब हैं?

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सावन सोमवार व्रत ( Sawan Somwar Vrat)

हिन्दू मान्यता  के अनुसार, श्रावण माह का आरंभ आषाढ़ पूर्णिमा / गुरु पूर्णिमा के समापन के साथ होता है। श्रावन माह हिन्दू कैलेंडर के अनुसार वर्ष का 5वां महीना होता है। इस वर्ष सावन/श्रावन माह की शुरुआत 14 जुलाई (गुरुवार) से हो रहा है और समापन 12 अगस्त (शुक्रवार) को होना है।

सावन माह का हर दिन बहुत ही पावन माना जाता है लेकिन सोमवार अतिविशेष होता है। सावन सोमवार का व्रत करने से भगवान भोले शंकर प्रसन्न होते हैं। इस बार सावन में 04 सोमवार व्रत पड़ने वाले हैं। पहला सावन सोमवार 18 जुलाई, दूसरा सावन सोमवार 25 अगस्त, तीसरा सावन सोमवार 1 अगस्त और चौथा सावन सोमवार अगस्त 8 को है।

सावन मंगला गौरी व्रत 2022 मंगला गौरी व्रत की तिथि 

  • श्रावण प्रारंभ – 14 जुलाई 2022, गुरुवार
  • प्रथम मंगला गौरी व्रत – 19 जुलाई 2022, मंगलवार
  • दूसरा मंगला गौरी व्रत – 26 जुलाई 2022, मंगलवार
  • तीसरा मंगला गौरी व्रत – 2 अगस्त 2022, मंगलवार
  • चतुर्थी मंगला गौरी व्रत – 9 अगस्त 2022, मंगलवार
  • श्रावण समाप्त – 12 अगस्त 2022, शुक्रवार

10-July-2022:- Sawan Ka Mahina,Sawan Somwar Vrat, Sawan Mangala Gauri Vrat 2022, Amavasya of Sawan month or Shravan Amavasya 2022 से जुड़ी हर अपडेट इस पेज पर दी गयी हैं ये पेज रेगुलर अपडेट किया जा रहा हैं आप यहाँ बने रहियें।

सावन मास की अमावस्या या श्रावण अमावस्या 2022: 27  जुलाई, दिन बुधवार

  • जुलाई 27, 2022 को 7:13:42 से अमावस्या आरम्भ
  • जुलाई 28, 2022 को 7:22:14 पर अमावस्या समाप्त

हिन्दू धार्मिक मान्यताओं अनुसार श्रावण मास में आने वाली अमावस्या/अमावस को श्रावणी अमावस्या कहते है, एक बात यह भी है यह अमावस्या सावन महीने में होती है, इसलिए इसे हरियाली अमावस/अमावस्या भी कहते हैं। हर अमावस्या की तरह ही श्रावणी अमावस्या भी पितरों की शांति के लिए पिंडदान और दान-धर्म करने के लिए विशेष होती है। 

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सावन मास की पूर्णिमा/श्रावण पूर्णिमा 2022 12 अगस्त, रविवार

  • अगस्त 11, 2022 को सुबह 10:38:22 से पूर्णिमा आरम्भ होगी 
  • अगस्त 12, 2022 को सुबह 7:05:39 पर पूर्णिमा समाप्त होगी 

हिन्दू कैलेंडर के अनुसार सावन माह में आने वाली पूर्णिमा को श्रावणी पूर्णिमा कहते है। धार्मिक ग्रन्थों में कहा गया है की इस दिन स्नान, ध्यान, तप और दान का बहुत विशेष महत्व है। श्रावणी पूर्णिमा के दिन ही रक्षाबंधन का त्यौहार बड़ी उत्साह भी से मनाया जाता है। मध्य और उत्तर भारत में कजरी पूर्णिमा का पर्व भी श्रावणी पूर्णिमा के दिन ही मानी जाती है। इस दिन उपनयन संस्कार और यज्ञोपवीत करने का विधान भी है।  श्रावणी पूर्णिमा को ही चंद्रदोष से मुक्ति के लिए श्रेष्ठ मानी गई है।

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NOTE:- दोस्तों, सावन माह में हम आपके लिए कई मंदिरो के रोचक तथ्य और भग़वान शिव से जुडी कथाएँ बतायेंगे। आपसे अनुरोध है की हमारे ब्लॉग को जरूर पढ़े और दुसरो से भी शेयर करें। 

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