Pradeep Mishra Upay for miscarriage बच्चा नाल फस जाने व जन्म लेते ही बच्चे की मृत्यु हो तो करे ये उपाय

By | December 2, 2022
Pradeep Mishra Upay for miscarriage

हर महिला के लिए माँ बनाना सपने के साथ-साथ उसके मातृत्व पूर्ण भी करता हैं। गुरूजी परम पूज्य श्री प्रदीप  मिश्रा शिव पुराण व स्कन्द पुराण से उपाय  बताते हैं।  जिससे सभी को बहुत फ़ायदा हो रहा हैं जो पत्रों के माध्यम से बता रहे हैं। इसीलिए हम ले कर आये हैं  Santan Prapti Ke Upay संतान प्राप्ति के लिए प्रदीप जी मिश्रा के चमत्कारी उपाय , Pradeep Mishra Upay for miscarriage बच्चा बार-बार गिर रहा हो तो करे ये उपाय, Normal Delivery Upay नार्मल डिलीवरी के लिए प्रदीप मिश्रा उपाय जो आपके मातृत्व के सपने को साकार करने में मदद करेंगे।

भगवान शंकर को भोले भंडारी भी कहा जाता हैं जिन्हे बहुत  ही आसानी से मनाया जा सकता हैं। आप कहेंगे की शिवजी की तो सेवा हम बहुत पहले से करते आये हैं लेकिन हमें तो फल मिला ही नहीं ऐसा  नहीं हैं  आपको अपनी अपनी मनोकामना के अनुसार शिवजी का पूजन करना होता हैं।

जिस नारी का गर्भ नहीं रुक रहा है जरूर करें ये उपाय (Pradeep Mishra Upay for miscarriage)

जिस नारी का  गर्भ बार- बार गिर रहा हो या बच्चे नहीं हो रहे है तो दोनों पति पत्नी को शंकर मंदिर जा कर महिला की हाइट का लाल नाड़ा एक श्रीफल या नारियल पर लपेट कर शिवलिंग पर पंचाक्षर,षडाक्षर या  श्री शिवाय नमस्तुभ्यम मंत्र का जाप करते हुए समर्पित करना चाहिए। और भगवान शंकर से प्राथना करना चाहिए की है भगवान हमें संतान सुख प्रदान करें और स्वस्थ बच्चा प्रदान करें।

डिलेवरी के समय बच्चा नाल फस जाने का उपाय ( Baby ki Naal faas jaane pradeep mishra Upay )

यदि डिलेवरी के समय बच्चा की नाल फस गयी हो (umbilical cord around baby neck) और डॉक्टर ऑपरेशन का बोल रहे हैं। ऐसी सिचुएशन में भगवान शंकर के मंदिर जा कर एक श्रीफल को एक कोरे वस्त्र में लपेटकर शिवलिंग पर उस नारी का नाम व गोत्र  बोल कर समर्पित कर दे|

जन्म लेते ही बच्चे की मृत्यु हो जाने पर प्रदीप मिश्रा का उपाय

यदि महिला के बच्चे जन्म लेते ही मृत्यु उनकी हो जाती हैं तो ऐसी स्थिति में भगवान शंकर के मंदिर में पंचाक्षर,षडाक्षर या  श्री शिवाय नमस्तुभ्यम मंत्र का जाप करते हुए गर्भधारण करते ही गर्भवती महिला की कलाई पर लाल रंग का धागा बांध देना चाहिए। संतान होने के बाद वह धागा मां की कलाई से खोलकर उसके बच्चे की कलाई पर बांध दें| मां की कलाई पर दूसरा लाल धागा बांध दें। यह धागा बच्चे के 18 माह होने तक माँ और बच्चे की कलाई पर बांधे रखें।

मनोकामना पूर्ति के लिए पशुपतिनाथ का व्रत

Pashupatinath Vrat पशुपतिनाथ व्रत कैसे किया जाता है और व्रत से क्या लाभ होते है ?

Gyanaxis.com :- ज्ञानएक्सिस भी समझता हैं की हर लड़की के लिए बहुत ही भावनात्मक और महत्वपूर्ण होता हैं  इसीलिए हम ढूंढ के कुछ ऐसे उपाय लाये है जिससे आपको मातृत्व का सुख प्राप्त हो।  यदि आपको कोई और परेशानी  हो या उपाय जानना हो तो कमेंट सेक्शन में जरूर बताये।

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